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रविवार, 11 जनवरी 2026
बुधवार, 17 दिसंबर 2025
Eating Something with Tea:चाय के साथ खाद्य पदार्थों के संयोजन से जुड़े मुख्य स्वास्थ्य जोखिम क्या हैं?
चाय के साथ खाद्य पदार्थों के संयोजन से जुड़े मुख्य स्वास्थ्य जोखिम क्या हैं?
चाय के साथ कुछ खाद्य पदार्थों का संयोजन पाचन और समग्र स्वास्थ्य को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, गलत खाद्य संयोजन धीरे-धीरे स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं और कई मुख्य स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकते हैं।
चाय के साथ खाद्य पदार्थों के संयोजन से जुड़े मुख्य स्वास्थ्य जोखिम निम्नलिखित हैं:
1. पाचन संबंधी समस्याएं:
◦ सामान्य तौर पर, गलत खाद्य संयोजन गैस, एसिडिटी (अम्लता), और सूजन (bloating) जैसी समस्याएं पैदा कर सकते हैं।
◦ खासकर, समोसे और ब्रेड पकोड़े जैसे तली हुई चीजों को चाय के साथ खाने से स्वास्थ्य को नुकसान होता है। चाय में मौजूद टैनिन (tannin) जब तेल के साथ मिलता है, तो इससे गैस, सूजन और एसिडिटी की समस्याएं हो सकती हैं।
2. पोषक तत्वों की कमी (Nutritional Deficiencies):
◦ गलत संयोजन पोषण संबंधी कमियां पैदा कर सकते हैं।
◦ चाय में मौजूद ऑक्सालेट (oxalate) तत्व शरीर की आवश्यक आयरन को अवशोषित करने की क्षमता को बाधित करता है। यदि चाय के साथ आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थ खाए जाते हैं, तो इससे शरीर में आयरन की कमी (iron deficiency) हो सकती है।
3. रक्त शर्करा में वृद्धि (Blood Sugar Spikes):
◦ चाय के साथ बिस्किट खाने की आदत भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। बिस्किट में परिष्कृत आटा (refined flour), चीनी और अस्वस्थ वसा अधिक मात्रा में होते हैं।
◦ चाय के साथ इनका सेवन करने पर रक्त शर्करा के स्तर में अचानक वृद्धि (sudden spike in blood sugar levels) का खतरा होता है। यह मधुमेह (diabetes) से पीड़ित लोगों के लिए विशेष रूप से अधिक परेशानी का कारण बन सकता है।
◦ सामान्य गलत संयोजन हार्मोनल असंतुलन का कारण बन सकते हैं।
◦ चाय के साथ दही या दही से बने व्यंजन खाने से पेट में जलन हो सकती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि चाय शरीर को गर्म करती है, जबकि दही का ठंडा प्रभाव होता है, और विपरीत गुणों का यह संयोजन पेट में जलन और सूजन पैदा कर सकता हैl
यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है। स्रोतों के अनुसार, चाय में मौजूद दो अलग-अलग घटक स्वास्थ्य पर विभिन्न प्रकार से प्रभाव डालते हैं, खासकर अवशोषण के संबंध में:
1. टैनिन (Tannin): स्रोतों में विशेष रूप से यह नहीं कहा गया है कि टैनिन सीधे तौर पर पोषक तत्वों का अवशोषण रोकता है। हालांकि, यह बताया गया है कि चाय में मौजूद टैनिन जब तेल के साथ मिलता है (जैसे समोसे या ब्रेड पकोड़े जैसे तले हुए खाद्य पदार्थों के साथ), तो यह गैस, सूजन (bloating), और एसिडिटी की समस्याएं पैदा कर सकता है। यह भी कहा गया है कि चाय के साथ खाने पर आवश्यक आयरन को अवशोषित करने की शरीर की क्षमता कम हो जाती है।
2. ऑक्सालेट (Oxalate): स्रोत स्पष्ट रूप से इंगित करते हैं कि चाय में मौजूद ऑक्सालेट (oxalate) तत्व आयरन के अवशोषण में बाधा (hinders) डालता है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थों को चाय या कॉफी के साथ नहीं खाना चाहिए, क्योंकि ऑक्सालेट इस अवशोषण को बाधित करता है, जिससे शरीर में आयरन की कमी (iron deficiency) हो सकती है। इसलिए, हरी पत्तेदार सब्जियां और नट्स जैसे आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन चाय पीने के बाद कुछ अंतराल देकर करना चाहिए।
संक्षेप में, चाय में टैनिन को तेल के साथ मिलकर पाचन संबंधी समस्याओं से जोड़ा गया है, जबकि ऑक्सालेट ही वह विशिष्ट घटक है जो आयरन के अवशोषण को बाधित करता है।
चाय के साथ बिस्किट खाने की आदत को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया गया है।
चाय के साथ बिस्किट के संयोजन से जुड़ा मुख्य खतरा निम्नलिखित है:
• रक्त शर्करा में अचानक वृद्धि (Sudden Spike in Blood Sugar Levels): बिस्किट में परिष्कृत आटा (refined flour), चीनी, और अस्वस्थ वसा (unhealthy fats) अधिक मात्रा में होते हैं। जब बिस्किट को चाय के साथ खाया जाता है, तो इससे रक्त शर्करा के स्तर में अचानक वृद्धि (a sudden spike in blood sugar levels) का खतरा होता है।
• मधुमेह से पीड़ित लोगों के लिए खतरा: रक्त शर्करा में यह वृद्धि विशेष रूप से मधुमेह (diabetes) से पीड़ित लोगों के लिए अधिक परेशानी या समस्या पैदा कर सकती है।
यह संयोजन उन कई गलत खाद्य संयोजनों में से एक है जो धीरे-धीरे स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं और गैस, एसिडिटी, और पोषण संबंधी कमियों जैसी समस्याएं पैदा कर सकते हैं।
मंगलवार, 16 दिसंबर 2025
सोमवार, 15 दिसंबर 2025
Which foods spoil when refrigerated and why? कौन से खाद्य पदार्थ प्रशीतन से खराब होते हैं और क्यों?
Which
foods spoil when refrigerated and why?
कौन से खाद्य पदार्थ प्रशीतन से खराब होते हैं और क्यों?
कुछ खाद्य पदार्थ प्रशीतन (refrigeration) के लाभ नहीं उठा पाते हैं; विशेषज्ञों का कहना है कि वे खराब हो सकते हैं और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। ठंडी हवा नमी पैदा करती है, जो बैक्टीरिया के विकास में सहायता करती है, जिससे पाचन संबंधी समस्याएं या यहाँ तक कि फूड पॉइजनिंग भी हो सकती है।
निम्नलिखित खाद्य पदार्थ हैं जिन्हें फ्रिज में रखने से बचने की सलाह दी जाती है और उसके कारण:
1. टमाटर (Tomatoes)
• फ्रिज में रखने से टमाटर का स्वाद, बनावट (texture), और फ्लेवर प्रभावित होता है।
• रेफ्रिजरेटर का ठंडा तापमान पकने के लिए जिम्मेदार एंजाइमों को रोकता है, जिससे उनकी स्थिरता गूदेदार (mealy consistency) हो जाती है और स्वाद फीका पड़ जाता है।
2. ब्रेड (Bread)
• ठंडी और नम जलवायु ब्रेड को बासी, सख्त, सूखा और चबाने योग्य (chewy) बनावट में बदल देती है।
• फ्रिज का ठंडा और नम वातावरण स्टार्च रेट्रोग्रेडेशन (starch retrogradation) या क्रिस्टलीकरण की प्रक्रिया को बहुत तेज़ी से बढ़ा देता है, जिससे ब्रेड कमरे के तापमान की तुलना में बहुत तेजी से बासी हो जाती है।
• ठंडी हवा फ्रिज की अन्य गंधों को अवशोषित करके इसके स्वाद को भी खराब कर देती है।
3. अदरक (Ginger)
• फ्रिज का ठंडा, आर्द्र (humid) वातावरण अदरक को ठंडी, सूखी पेंट्री में रखने की तुलना में जल्दी नरम, फफूंदीयुक्त (moldy) या चिपचिपा (slimy) बना सकता है।
• नमी सड़न को प्रोत्साहित करती है, खासकर अगर अदरक धोया न गया हो।
4. पका हुआ चावल (Cooked Rice)
• चावल को फ्रिज में नहीं रखना चाहिए क्योंकि इसमें बैसिलस सेरेअस (#Bacillus cereus) नामक बैक्टीरिया मौजूद हो सकता है।
• इस बैक्टीरिया के बीजाणु (#spores) खाना पकाने से बच जाते हैं और कमरे के तापमान पर बचे हुए चावल में विषाक्त पदार्थ (#toxins) पैदा कर सकते हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग होती है और उल्टी तथा दस्त जैसी स्थितियाँ पैदा होती हैं।
• (हालांकि, स्रोत यह भी बताता है कि इसे स्टोर करने का तरीका महत्वपूर्ण है—इसे दो घंटे के भीतर जल्दी से ठंडा करें और तीन दिनों के भीतर तुरंत फ्रिज में रखें)।
5. कच्चे आलू (Raw Potatoes)
• ठंडे तापमान से आलू में मौजूद स्टार्च, शर्करा (sugars) में बदल जाता है।
• यह रूपांतरण आलू के स्वाद, बनावट और रंग को प्रभावित करता है—वे पकाए जाने पर काले पड़ जाते हैं।
• विशेषज्ञों के अनुसार, शर्करा में इस रूपांतरण के कारण उच्च-तापमान पर पकाने के दौरान एक्रिलामाइड (acrylamide) का निर्माण बढ़ जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए एक संभावित चिंता का विषय है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ रोजमर्रा के खाद्य पदार्थ फ्रिज में रखने पर जहरीले और हानिकारक बन जाते हैं या अपने पोषक तत्व भी खो देते हैं।
आलू प्रशीतन से क्या प्रभाव डालता है?
प्रशीतन टमाटर को कैसे प्रभावित करता है?
आलू को कभी भी कच्चे रूप में प्रशीतित (#refrigerate) नहीं करना चाहिए।
प्रशीतन (refrigeration) से आलू पर निम्नलिखित प्रभाव पड़ते हैं:
1.
स्टार्च का शर्करा में रूपांतरण: ठंडा तापमान आलू में मौजूद स्टार्च को शर्करा (sugars) में बदल देता है।
2.
स्वाद और बनावट पर प्रभाव: शर्करा में यह रूपांतरण आलू के स्वाद, बनावट (#texture), और रंग को प्रभावित करता है।
3.
रंग में बदलाव: ठंडा करने के बाद पकाने पर आलू काले पड़ जाते हैं।
4.
स्वास्थ्य संबंधी चिंता: विशेषज्ञों के अनुसार, शर्करा में इस रूपांतरण के कारण उच्च-तापमान पर पकाने के दौरान एक्रिलामाइड (#acrylamide) का निर्माण बढ़ जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए एक संभावित चिंता का विषय है।
डॉक्टरों की सलाह है कि आलू को स्टोर करने का सबसे अच्छा तरीका किसी ठंडी, अँधेरी और सूखी जगह, जैसे कि पैंट्री, में रखना है।
ब्रेड को बासी बनाने वाली क्रिया को स्टार्च रेट्रोग्रेडेशन (starch #retrogradation) या क्रिस्टलीकरण (#crystallization) कहा जाता है।
डॉक्टरों का कहना है कि फ्रिज का ठंडा और नम वातावरण इस प्रक्रिया को बहुत तेज़ी से बढ़ा देता है। इसी कारण ब्रेड कमरे के तापमान पर रखने की तुलना में फ्रिज में बहुत जल्दी बासी, सख्त, सूखी और चबाने योग्य (#chewy) बन जाती है।
इसके अलावा, ठंडी हवा फ्रिज की अन्य गंधों को अवशोषित करके ब्रेड के स्वाद को भी खराब कर देती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, रेफ्रिजरेटर की ठंडी हवा नमी (#moisture) पैदा करती है, जो बैक्टीरिया के विकास में सहायता करती है। बैक्टीरिया का यह विकास पाचन संबंधी समस्याओं और यहाँ तक कि खाद्य विषाक्तता (food poisoning) का कारण बन सकता है।
विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि कुछ रोज़मर्रा के खाद्य पदार्थ प्रशीतन (refrigeration) के बाद विषैले (toxic) और हानिकारक (harmful) हो जाते हैं या अपने पोषक तत्व भी खो देते हैं।
उदाहरण के लिए:
1.
जीवाणु विकास (Bacterial Growth): ठंडी, नम हवा अदरक को जल्दी नरम, फफूंदीयुक्त (moldy) या चिपचिपा (slimy) बना सकती है, क्योंकि नमी सड़न को बढ़ावा देती है।
2.
विषाक्त पदार्थों का निर्माण (Toxin Formation): कच्चे आलू को फ्रिज में रखने से स्टार्च शर्करा में बदल जाता है, और जब इन आलू को उच्च तापमान पर पकाया जाता है, तो इस रूपांतरण के कारण एक्रिलामाइड (acrylamide) का निर्माण बढ़ जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए एक संभावित चिंता का विषय है।
3.
विषाक्तता का गलत प्रबंधन: हालांकि पके हुए चावल में खाद्य विषाक्तता बैसिलस सेरेअस (Bacillus cereus) नामक बैक्टीरिया के कारण होती है, जो कमरे के तापमान पर विषाक्त पदार्थ (toxins) पैदा कर सकता है, स्रोतों में यह बताया गया है कि यह विषाक्तता तब होती है जब चावल को ठीक से संग्रहीत नहीं किया जाता है—जैसे कि इसे दो घंटे के भीतर जल्दी से ठंडा न करना और शीघ्रता से फ्रिज में न रखना।
पके हुए चावल को खराब करने वाला जीवाणु (bacteria) बैसिलस सेरेअस (Bacillus cereus) है।
इस जीवाणु के बीजाणु (spores) खाना पकाने की प्रक्रिया से बच जाते हैं और जब बचे हुए चावल को कमरे के तापमान पर छोड़ दिया जाता है, तो वे विषाक्त पदार्थ (toxins) पैदा कर सकते हैं। ये विषाक्त पदार्थ खाद्य विषाक्तता (food poisoning) का कारण बनते हैं, जिससे उल्टी और दस्त जैसी स्थितियाँ पैदा होती हैं।
हालांकि, चावल को फ्रिज में न रखने की सलाह दी जाती है, इसे स्टोर करने का तरीका महत्वपूर्ण है—इसे दो घंटे के भीतर जल्दी से ठंडा करना और तीन दिनों के भीतर तुरंत फ्रिज में रखना चाहिए, तथा बैक्टीरिया को मारने के लिए इसे अच्छी तरह से दोबारा गर्म करना चाहिए।
आलू का मंड (starches) ठंडे तापमान के कारण शर्करा (sugars) में बदल जाता है।
स्टार्च का शर्करा में यह रूपांतरण आलू के स्वाद, बनावट (texture), और रंग को प्रभावित करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, शर्करा में इस रूपांतरण के कारण आलू को उच्च तापमान पर पकाने के दौरान एक्रिलामाइड (acrylamide) नामक एक पदार्थ का निर्माण बढ़ जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए एक संभावित चिंता का विषय है। इस रूपांतरण के कारण आलू पकाए जाने पर काले भी पड़ जाते हैं।
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